लखनऊ, 21 फरवरी 2026


गुजरात में Indian Society for Assisted Reproduction द्वारा आयोजित ISAR 2026 के भव्य वार्षिक सम्मेलन में देश-विदेश से आए प्रजनन एवं इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा पाण्डेय ने पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और उससे जुड़ी प्रजनन समस्याओं पर अपने विचार व्यक्त किए।


डॉ. सीमा पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में PCOS महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर हार्मोनल समस्या है, जो अनियमित माहवारी, वजन बढ़ना, मुंहासे, हार्मोन असंतुलन और इनफर्टिलिटी का प्रमुख कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि बदलती जीवनशैली, तनाव, असंतुलित आहार और शारीरिक निष्क्रियता इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं।


उन्होंने जोर देकर कहा कि PCOS का समय पर निदान और समुचित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय उपचार के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक प्रजनन तकनीकों के माध्यम से PCOS से प्रभावित महिलाओं को सफल गर्भधारण में सहायता मिल रही है।


इस अवसर पर डॉ. सीमा पाण्डेय ने यह भी कहा कि मुझे गर्व है कि मुझे ISAR में क्लिनिकल सेक्रेटरी के रूप में नियुक्त किया गया है। ISAR विश्व में इनफर्टिलिटी विशेषज्ञों का सबसे बड़ा संगठन है, और इस मंच के माध्यम से हम महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


सम्मेलन के दौरान विभिन्न वैज्ञानिक सत्रों में PCOS के नवीनतम शोध, उपचार पद्धतियों और दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि PCOS केवल प्रजनन समस्या नहीं, बल्कि एक मेटाबोलिक और हार्मोनल विकार है, जिसे समग्र दृष्टिकोण से समझना और उपचारित करना आवश्यक है।


अंत में डॉ. पाण्डेय ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने मासिक धर्म चक्र में किसी भी अनियमितता को नजरअंदाज न करें और समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लें।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours