ब्यूरो रिपोर्ट-फैमी अब्बास
अम्बेडकरनगर। जिले में इन दिनों वस्तु एवं सेवा कर विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर बाजारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ स्थानीय व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि जांच और नोटिस के नाम पर उनसे कथित रूप से अवैध वसूली की मांग की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
व्यापारियों का कहना है कि विभाग के नाम पर आने वाले कुछ लोग सीधे तौर पर रकम की मांग करते हैं और कथित तौर पर कहते हैं कि “दस हजार नहीं दे सकते तो कम से कम पांच हजार ही दे दो।” इस तरह की बातों से छोटे दुकानदारों में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। कई व्यापारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे कार्रवाई के भय से खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।
स्थानीय व्यापार मंडलों का कहना है कि यदि कहीं भी गलत तरीके से वसूली हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका मानना है कि वैध टैक्स व्यवस्था जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यापारी के साथ दबाव या डर का माहौल बनाना सही नहीं है।
इस पूरे मामले को लेकर अभी तक विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शिकायतों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि ईमानदारी से व्यापार करने वालों का भरोसा बना रहे और यदि कोई दोषी हो तो उस पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में व्यापारियों को सीधे उच्च अधिकारियों या हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और गलत तत्वों पर रोक लग सके।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours