मोकीम खान


किछौछा संवाददाता। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ सिमनानी रहमतुल्ला की दरगाह पर 636 वे उर्स के दौरान 26 मोहर्रम के सज्जादानशीन सैयद हसीन अशरफ किछौछा शरीफ से चलकर दरगाह खानकाहे मखसूदिया अशरफिया पहुचे। बाद नमाज अशर अपने लाव लश्कर के साथ खानकाहे मखसूदिया अशरफिया से निकलकर फोकराओ एव मलगो के साथ सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की दरगाह पर पहुंचे। खानकाह से बाहर निकलने पर खानवादे अशरफिया एवं मलगो तथा फोखराओ ने स्वागत किया। फोखराओ ने सूफी तराना एव करतब दिखाते हुए आलम शाह के नेतृत्व में 26 मोहर्रम के सज्जादानशीन सैयद हसीन अशरफ को लेकर आस्ताने आलिया पर पहुंचे। जहां पर सज्जादानशीन सैयद हसीन अशरफ ने 26 मोहर्रम की रस्म अदा की।रस्म अदा करते हुए सज्जादानशीन ने चादर पोशी की तथा देश में अमन चैन के लिए विशेष दुआ मागी।इस दौरान कव्वालो ने सूफिया तराना गाकर दरगाह के उर्स मे शमा बाध दिया। विशेष दुआ के दौरान खानवादे अशरफिया के सैयद शोएब अशरफ,इसरार अशरफ,शादाब अशरफ,हुसैनी,हसनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था मे मेला प्रभारी कृपा शंकर यादव, उप निरीक्षक त्रिवेणी सिंह, कांस्टेबल अयूब खान,रवीश यादव,हेड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार,जगत यादव के साथ पीएसी के जवान मौजूद रहे।


कल का कार्यक्रम- सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर चले 636 वे वार्षिक उर्स के दौरान 636 वर्ष पुरानी सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ के खिरके एवं छड़ी मुबारक का पिटारा अपने आवास बसखारी शरीफ से पालकी में बैठकर दरगाह लहदखाने पहुंचेंगे।जहां से 4:00 बजे 27 मोहर्रम के सज्जादानशीन सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ अशरफुल जिलानी आस्ताने आलिया पहुंच कर रस्म गागर के साथ खिरका पोसी कर देश की खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगेंगे।

कल होगा असली खिरके का दर्शन- विश्व प्रसिद्ध सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर लगने वाले उर्स मेले के दौरान 636 वर्ष पुराने पवित्र खिरके तथा छड़ी मुबारक का दर्शन जायरीन को सज्जादानशीन एवं मोतवल्ली सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ अशरफुल जिलानी कराएंगे।


अव्यवस्था- विश्व प्रसिद्ध सूफी संत सैयद मखदूम अशरफ की दरगाह पर चल रहे उर्स मेले के दौरान अव्यवस्थाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।पुलिस सुरक्षा व्यवस्था देने में नाकामयाब हो रही।मेले मे पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा आवागमन की खराब व्यवस्था के कारण समस्याओं से जूझना पड रहा है। सड़क के किनारे पार्किंग होने के कारण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।


मेडिकल कैंप- जामिया बीबी सुल्ता खातून लिलबनात की जानिब से उर्स मेले के दौरान लगने वाले फ्री मेडिकल कैंप के चलने से यहां बीमार जायरीन स्वास्थ्य लाभ उठा रहे हैं। बताते चलें कि मेडिकल कैंप का यहां के समाजसेवी सैय्यद अनीश अशरफ द्वारा 12 वर्ष से लगवाया जा रहा है। फ्री मेडिकल कैंप मे मुंबई से डॉक्टर आकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं।

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