अम्बेडकरनगर। हंसवर थाना क्षेत्र से जुड़े वर्ष 2015 के आपराधिक मामले में हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने आरोपी प्रदीप की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। आरोपी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद जीशान खान ने प्रभावी पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष विभिन्न कानूनी एवं तथ्यात्मक पक्ष रखे। अपराध संख्या 03/2015 में धारा 417, 468 व 469 आईपीसी से संबंधित है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी को मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। प्राथमिकी दर्ज कराने में काफी देरी हुई तथा कथित घटना के समर्थन में कोई स्वतंत्र गवाह उपलब्ध नहीं है। आरोपी 12 जून 2026 से जेल में निरुद्ध था। राज्य की ओर से जमानत का विरोध किया गया, लेकिन बचाव पक्ष की दलीलों का प्रभावी खंडन नहीं हो सका। दोनों पक्षों को सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद माननीय न्यायमूर्ति राजीव भारती ने मामले को जमानत के लिए उपयुक्त माना।अदालत ने 13 अगस्त 2026 को जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी को व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही अभियोजन साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने, गवाहों को प्रभावित न करने और ट्रायल कोर्ट की प्रत्येक निर्धारित तारीख पर उपस्थित रहने की शर्त लगाई गई है।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत आदेश में की गई टिप्पणियों का मुकदमे के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अधिवक्ता मोहम्मद जीशान खान की प्रभावी पैरवी से आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर उसे बड़ी कानूनी राहत मिली है।



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