मोकीम खान


किछौछा संवाददाता। ईश निंदा कानून बनवाने के लिए जल्द राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात : सय्यद मोहम्मद अशरफ किछौछवी

उर्स मखदूमे सिमनानी की ख़ानक़ाह अशरफिया शैख़े आज़म सरकार-ए-कलां में रस्मे परचम कुशाई के साथ शुरुआत 26 अगस्त 2022, किछौछा अंबेडकरनगर हज़रत सय्यद मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाहि अलैहि के 636 वे उर्स का आगाज़ हो गया है, ख़ानक़ाह अशरफिया शैख़े आज़म सरकार-ए-कलां में आज 11 बजे परचम कुशाई की गई ,आल इंडिया उलमा व मशाइख बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवम वर्ल्ड सूफी फोरम के चेयरमैन हज़रत सय्यद मोहम्म्मद अशरफ किछौछवी ने परचम कुशाई की रस्म अदा की, इस मौके पर सय्यद हम्माद अशरफ ,सय्यद मकसूद अशरफ, सय्यद नवाज़ अशरफ,सय्यद नासिर अशरफ सहित सैंकड़ों जायरीनों ने शिरकत की।


हज़रत ने परचम कुशाई के बाद पूरी दुनिया में अमन के साथ भारत में समृद्धि शांति की खास दुआ की इस मौके पर खास तौर से बीमार लोगों की सेहत की दुआ की गई।

इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए हज़रत सय्यद अशरफ किछौछवी ने कहा कि मखदूम पाक का संदेश मोहब्बत है और आपके आस्ताने पर यह संदेश ग्रहण करने वालों की भीड़ उमड़ती है, आज जिस तरह का नफरत का माहौल पनप रहा है ऐसे समय में मखदूम पाक की शिक्षाओं को आम करना जरूरी है, उन्होंने खास तौर पर हैदराबाद तेलंगाना में एक वैचारिक आतंकवादी टी राजा सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोग किसी मज़हब या किसी व्यक्ति नहीं बल्कि इंसानियत के दुश्मन हैं , पैगम्बरे अमन व शांति के ताल्लुक से की गई उसकी अमर्यादित और अशोभनीय टिप्पणी बर्दाश्त के काबिल नहीं है और ऐसे लोगों को खुला घूमने का कोई हक नहीं है।


उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग जो किसी भी मजहब के बारे में घिनौनी टिप्पणी करते हैं उन्हें एक एक्ट ईश निंदा कानून बना कर आजीवन जेल में डालने का प्रावधान ज़रूरी है जल्द ही इस बारे में देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलकर इस बड़े मसले पर ऑल इण्डिया उलमा मशाइख़ बोर्ड बात करेगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यकीनन यह बर्दाश्त करने लायक मामला नहीं है लेकिन संयमित रहने की जरूरत है कहीं भी कोई कानून को हाथ में न ले और सब लोग मिलकर सरकार से ईश निंदा कानून को जल्द बनाने और लागू करने की मांग करें हिंसा कभी किसी मसले का हल नहीं है और कोई भी बेहूदा नारे की देश में कोई गुंजाइश नहीं है हम किसी बेहूदा नारे या हिंसा का समर्थन नहीं करते और ऐसे नारों की भी निंदा करते हैं ।

हज़रत ने कहा कि देश के खिलाफ यह विदेशी साजिश है इसकी सघन जांच होनी चाहिए कि आखिर किन विदेशी ताकतों के हाथ में ऐसे वैचारिक आतंकवादी खेल रहे हैं जिनका मकसद भारत में हिंसा फैलाने और हमारे प्यारे वतन को अस्थिर करना है । उन्होंने उर्स में आए सभी जायरीनों का स्वागत करते हुए तमाम दुनिया को हजरत सय्यद मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैहि के 636 वे उर्स की मुबारकबाद दी और सभी के लिए दुआ की।

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