ब्यूरो रिपोर्ट- सैय्यद फैमी अब्बास
अम्बेडकरनगर। एस बी नेशनल इंटर कॉलेज बसखारी में उर्दू साहित्य एवं हिंदी अदब सोसायटी के तत्वाधान में आयोजित आल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन एकता और मोहब्बत का बेहतरीन संदेश देकर संपन्न हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रसिद्ध कवियों व शायरों ने अपने कलाम के जरिए आपसी सौहार्द, भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने का आह्वान किया।
महफ़िल का शुभारंभ आयोजकों व विशिष्ट अतिथियों द्वारा महफिल-ए-शमा रोशन कर किया गया। जौहर कानपुरी ने वतन पर अपनी भावुक और प्रेरक कविता सुनाते हुए कहा—
“वतन की सरजमीं को अम्न का दर्पन बनाना है,
जो शाखें नीम की हैं उन्हें चंदन बनाना है।”
उनके अशआरों पर श्रोताओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
प्रसिद्ध शायर शकील आज़मी ने युवाओं को हौसला और हिम्मत का संदेश देते हुए पढ़ा—
“पेरों को खोल ज़माना उड़ान देखता है,
ज़मीन पे बैठकर क्या आसमान देखता है।”
रुबीना अयाज़ (लखनऊ),शबीना अदीब (कानपुर), भूषण त्यागी (बनारस) और विभा सिंह (सोनभद्र) सहित कई जाने-माने शायरों ने अपनी रचनाओं से मंच पर ऐसी महक बिखेरी कि पूरा सभागार देर तक तालियों की गूंज से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कवियों को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे मुशायरे समाज में सद्भाव, प्रेम और साहित्यिक चेतना को बढ़ावा देते हैं। बसखारी में आयोजित यह महफिल अदब और इंसानियत का सुंदर संगम साबित हुई।



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