ब्यूरो रिपोर्ट- फैमी अब्बास 


अम्बेडकर नगर। इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के अरसावां गांव में शादी से ठीक एक दिन पहले टेंट लगाने को लेकर हुए विवाद ने अब पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। गांव, जहां वर्षों से हिंदू-मुस्लिम समुदाय मिल-जुलकर शादियां करते आए हैं, वहां अचानक पैदा हुआ यह विवाद अब सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बनता दिख रहा है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामले की सूचना और लिखित शिकायती पत्र देने के बावजूद इब्राहिमपुर थानेदार ने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। न तो मौके पर प्रभावी कार्रवाई की गई, न ही विवाद सुलझाने की पहल हुई। नतीजा शादी का माहौल तनाव में बदल गया और पीड़ित परिवार भय के साए में जीने को मजबूर है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि थानेदार समय रहते सक्रिय भूमिका निभाते, तो मामला यहीं शांत हो सकता था। लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने दबंगों के हौसले बढ़ा दिए। गांव में यह चर्चा आम है कि शिकायत के बाद भी पुलिस का चुप रहना आखिर किसके इशारे पर है?

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